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मसà¥à¤¸à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ है? – What Are Warts in Hindi
मसà¥à¤¸à¤¾, तà¥à¤µà¤šà¤¾ की बाहरी परत पर à¤à¤• मोटी और कठोर गांठजैसा होता है। ये शरीर पर कहीं à¤à¥€ विकसित हो सकते हैं। हाथ और पैरों की तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर इनके विकसित होने की आशंका जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। ये तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर हà¥à¤¯à¥‚मन पेपिलोमा वायरस (Human Papilloma Virus) यानी à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण होते हैं। खास बात यह है कि बेशक ये गांठजैसे होता हैं, लेकिन कैंसर का कारण नहीं बनते हैं (1)।
मसà¥à¤¸à¤¾ के पà¥à¤°à¤•ार – Types of Warts in Hindi
मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से मसà¥à¤¸à¥‡ छह पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं, जिनके बारे में हम नीचे बता रहे हैं (2):
कॉमन मसà¥à¤¸à¤¾ (Common warts): यह मसà¥à¤¸à¤¾ सà¥à¤ˆ की नोक से लेकर मटर के आकार तक का हो सकता है। यह अकà¥à¤¸à¤° हाथों, उंगलियों, नाखूनों के आसपास की तà¥à¤µà¤šà¤¾ और पैरों पर पाया जाता है। इन मसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ को छूने पर खà¥à¤°à¤¦à¤°à¤¾ सा अहसास हो सकता है। आमतौर पर यह मसà¥à¤¸à¤¾ हाथों के पीछे, नासूनों के आसपास की तà¥à¤µà¤šà¤¾ या तो उंगलियों और पैरों पर पाया जा सकता है।
पà¥à¤²à¤¾à¤‚टार मसà¥à¤¸à¤¾ (Plantar warts): पà¥à¤²à¤¾à¤‚टार मसà¥à¤¸à¥‡ आकार में काफी बड़ा हो सकता है। यह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° पैरों की à¤à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और तलवों पर होता है। हालांकि, पैरों के तलवे पर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के शरीर का दबाव पड़ता है, इसलिठयह मसà¥à¤¸à¤¾ बाकी अनà¥à¤¯ मसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ के मà¥à¤•ाबले बाहर की ओर नहीं बढ़ पाता है। खड़े और चलने पर यह तलवे के अंदर की ओर दबता है। इस दबाब के कारण यह तलवे पर दरà¥à¤¦ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कर सकता है या, तो तलवे की उस जगह की तà¥à¤µà¤šà¤¾ को सॉफà¥à¤Ÿ कर सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में इस तरह के मसà¥à¤¸à¥‡ की बीमारी का इलाज करना थोड़ा मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है।
मोजेक मसà¥à¤¸à¤¾ (Mosaic warts): यह छोटे आकार का सफेद रंग का मसà¥à¤¸à¤¾ होता है। यह आमतौर पर पैरों की उंगलियों के नीचे पाया जाता है, जो पूरे पैर में फैल सकता है। मोजेक मसà¥à¤¸à¤¾ पà¥à¤²à¤¾à¤‚टार मसà¥à¤¸à¤¾ के मà¥à¤•ाबले थोड़ा फà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ होता है। à¤à¤¸à¥‡ में चलने फिरने में इस तरह के मसà¥à¤¸à¥‡ के कारण कà¤à¥€ à¤à¥€ किसी à¤à¥€ तरह का दरà¥à¤¦ महसूस नहीं हो सकता है।
फिलीफॉरà¥à¤® मसà¥à¤¸à¤¾ (Filiform warts): यह धागे जैसा पतला और आगे से नà¥à¤•ीला होता है। यह मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से चेहरे पर होता है। चेहरे पर होने के कारण यह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ परेशान कर सकता है।
फà¥à¤²à¥ˆà¤Ÿ मसà¥à¤¸à¤¾ (Flat warts): यह हलà¥à¤•े à¤à¥‚रे रंग का होता है और आमतौर पर चेहरे, माथे व गाल पर पाया जाता है। यह अंडरआरà¥à¤®à¥à¤¸ पर à¤à¥€ हो सकता है।
जेनिटल मसà¥à¤¸à¤¾ (Genital warts): ये मसà¥à¤¸à¤¾ जननांग पर बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण होता है। यह मसà¥à¤¸à¤¾ छोटी कठोर गांठजैसा नजर आता है।
मसà¥à¤¸à¤¾ के कारण – Causes of Warts in Hindi
मसà¥à¤¸à¥‡ मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण होते हैं। मसà¥à¤¸à¤¾ होने के कारण और à¤à¥€ हो सकते हैं, जो इस पà¥à¤°à¤•ार हैं (2):
मसà¥à¤¸à¤¾ à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ (हà¥à¤¯à¥‚मन पैपिलोमा वायरस) संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण होता है। यह वायरस 100 से अधिक पà¥à¤°à¤•ार का होता है, जो तà¥à¤µà¤šà¤¾ में छोटे-छोटे कट के माधà¥à¤¯à¤® से पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर सकता है और अतिरिकà¥à¤¤ कोशिकाओं की वृदà¥à¤§à¤¿ का कारण बन सकता है। इससे तà¥à¤µà¤šà¤¾ की बाहरी परत मोटी और सखà¥à¤¤ हो जाती है, जो मसà¥à¤¸à¤¾ का रूप ले लेता है।
à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ वायरस से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के संपरà¥à¤• में आने से à¤à¥€ यह हो सकता है।
दूसराें का तौलिया या फिर रेजर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना à¤à¥€ मसà¥à¤¸à¤¾ होने का कारण बन सकता है।
घाव वाली तà¥à¤µà¤šà¤¾ के संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ होने से à¤à¥€ इसके होने की आशंका अधिक हो जाती है।
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